गतवर्ष देश भर में सबसे सस्ते स्मार्टफोन फ्रीडम 251 की खूब चर्चा हुई। करीब साढ़े सात करोड़ लोगों ने रिंगिंग बेल्स कंपनी की वेबसाइट पर अपनी बुकिंग करा दी, लेकिन यह स्मार्टफोन कितने लोगों को मिला फिलहाल कोई नहीं जानता। कंपनी दावा करती रही है कि फोन डिलिवर किए जा रहे हैं, लेकिन ऐसा नहीं हुआ , मोहित गोयल नाम के एक शख्स ने इस रिंगिंग बेल्स नाम की कंपनी शुरू की थी। बाद में स्मार्टफोन बुकिंग में धोखाधड़ी करने और फोन डिलिविर न करने के मामले में उन्हें गिरफ्तार भी किया गया, लगभग 6 महीने जेल में भी रहे और बाद उन्हें रिहा किया गया।

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अब मोहित गोयल का बयान एक बार फिर से आया है जिसमें उन्होंने उम्मीद जताई है कि उन्हें सरकार से मदद मिलेगी और वो अगले साल मार्च-अप्रैल तक कस्टमर्स को फ्रीडम 251 स्मार्टफोन डिलिवर कर पाएंगे। मोहित गोयल का कहना है कि सरकार ने उनके द्वारा किए गए मेक इन इंडिया और स्टार्टअप इंडिया कमिटमेंट के बावजूद भी सपोर्ट नहीं किया है। अब वो सरकार से अपने वादे पूरे करने के लिए मदद मांग रहे हैं, उन्होंने यह भी बताया है कि क्यों वो कस्टमर्स को फ्रीडम 251 डिलिवर करने में फेल हो गए।

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गोयल ने रिंगिंग बेल्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की शुरुआत की थी और दावा किया कि वो दुनिया का सबसे सस्ता स्मार्टफोन कस्टमर्स को देंगे। गोयल का आरोप था कि 2015 में वाई टेक्नॉलजी के डायरेक्टर विकास शर्मा और गाजियाबाद स्थित वैशाली के जितेंद्र उर्फ जीतू ने दिल्ली में उनसे मुलाकात की। दोनों ने उन्हें ऑफर दिया कि वह देश में लोगों को सस्ते स्मार्टफोन उपलब्ध करवाने के रिंगिंग बेल्स कंपनी के विजन को पूरा करने में मदद कर सकते हैं।

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उन्होंने बताया कि चीन में उनकी अपनी उत्पादन इकाई है, जहां से 1 हजार 80 रुपये में सिंगल स्मार्टफोन उपलब्ध करवा देंगे। उसके बाद मोबाइल ऐप अपलोड करके वे उसकी कीमत को कम करके लोगों को बेच सकते हैं। गोयल के मुताबिक, उनकी बातों में आकर उन्होंने आरोपियों को 3 करोड़, 27 लाख, 30 हजार रुपये माल खरीदने के लिए दिए। एमडी मोहित गोयल का आरोप है कि पैसा लेने के बाद दोनों ने उन्हें थोड़ा-सा माल डिलिवर कर दिया, जो यूज करने पर खराब निकल गया। जब डायेरक्टर ने दोनों आरोपियों से अच्छा माल देने को कहा तो उन्होंने ना कह दिया, साथ ही पैसा लौटाने से भी इनकार कर दिया। पीड़ित का आरोप है कि जब उसने अपने पैसे वापस मांगे तो 2 करोड़ रुपये का चेक दिया गया, वह भी बाद में बाउंस हो गया।

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मोहित गोयल अब बाहर हैं और उनका कहना है कि उनके मॉडल पर अब बड़ी कंपनियों ने सस्ते स्मार्टफोन्स बेचने शुरू कर दिए हैं, उन्होंने कहा है, ‘कार्बन जैसी कंपनियां 1,300 रुपये में स्मार्टफोन बेच रही हैं। जियो का मॉडल ऐडवांस में 1,500 रुपये देकर स्मार्टफोन देने का है जो हमारे जैसा ही है, वो बड़ी कंपनियां हैं उनके पास पैसे ज्यादा हैं, इसलिए वो ऐसा कर सकते हैं, लेकिन लोग उनसे ये सवाल क्यों नहीं पूछते हैं कि वो कंपनियां इतना सस्ता स्मार्टफोन बना कैसे रही हैं ?

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