हम सभी ने ज्यादातर सुना है की हैकर्स वाई-फाई कनेक्शन , कम्प्यूटर सिस्टम और स्मार्टफोन को हैक करते है बेसिल की सुरक्षा एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार माउस और कीबोर्ड भी आसानी से हैक हो सकते है। इसे माउस जैकिंग कहा जाता है। रिसर्च के अनुसार हैकर इंटरलॉपर इंजेक्शन की मदद से माउस मूव या की-स्ट्रोक जान सकता है।

अगर आप वायरलेस माउस और की-बोर्ड यूज़र्स है और अपने डिवाइस को हैकिंग से सुरक्षा रखना चाहते है तो नीचे दिए गए टिप्स को जरूर अपनाये

डिवाइस की सुरक्षा 

पहले ये जांच ले कि आपकी डिवाइस की सिक्योरिटी बिल्कुल कमजोर तो नही।आप डिवाइस अच्छे ब्रांड की ही यूज़ करे जिसमे पहले से सिक्योरिटी ऑप्शन दे रखे हो।

फर्मवेयर अपडेट

डिवाइस अगर किसी वायरस से खतरे में है तो उसका फर्मवेयर अपडेट करना होता है। फर्मवेयर हमेशा डिवाइस की ऑफिसियल साइट पर जाकर ही करे। जब ये अपडेट डाउनलोड करे तब पूरे निर्देश लिख ले ताकि इसे इंस्टाल करने में दिक्कत ना हो

वायर वाले डिवाइस को प्राथमिकता दे

सभी हैकिंग और मैलवेयर चीजों से डिवाइस को सुरक्षित रखने का सबसे आसान तरीका है कि आप वायर वाले कीबोर्ड और माउस का प्रयोग करें। इनकी सिक्योरिटी एयर के रास्ते हैक नही हो सकती।यह आपके कंप्यूटर की अंतिम सुरक्षा के लिए प्रमुख और मजबूत समाधान है।

अपने पीसी को लॉक करे 

आपके कंप्यूटर में पूरे सिक्योरिटी ऑप्शन नही है तो कंप्यूटर का इस्तेमाल करने के बाद एडमिन स्क्रीन पर लॉक करें। वैसे ऐसा करने के बाद भी हैकर्स का खतरा बना रहता है।

आपके कंप्यूटर पर जानकारी को सुरक्षित रखने के सबसे उचित तरीके में से एक है पासवर्ड के साथ हर महत्वपूर्ण फ़ोल्डर को एन्क्रिप्ट करना। यह समस्या का समाधान नहीं करेगा। लेकिन ये आपके डेटा को सिक्योर करने में आपकी मदद करेगा।

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