पिछले कुछ सालों में इंडियन मोबाईल मार्केट में शानदार बूम देखने को मिला है। कई विदेशी कंपनियां भारत में अपना भविष्य तलाश रही हैं और देश में अपने प्रोडक्ट बेच रही है। बढ़ते इंटरनेट बाजार ने भी स्मार्टफोन की मार्केट को बढ़ाया है। आज भारतीय स्मार्टफोन्स का इतना यूज़ कर रहे हैं कि भारत विश्व का दूसरा सबसे बड़ा मोबाईल उत्पादक बन गया है।

भारत न सिर्फ दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा देश बना है जो इस स्तर पर मोबाइल का उत्पादन करता है बल्कि साथ ही देश के बाहर से आने वाले मोबाईल्स के आयात में भी कमी आंकी गई है। भारत ने वियतनाम का पीछे छोड़ते हुए दूसरा पायदान पाया है। मोबाईल मैन्यूफैक्चर्र देशों में चीनी का स्थान अभी भी सबसे उपर है।

इंडियन सेल्युलर एसोसिएशन (आईसीए) के हवाले से आई इस जानकारी में चीन के राष्ट्रीय सांख्यिकी ब्यूरो और वियतनाम के सामान्य सांख्यिकी कार्यालस के आकंड़ो का विशलेषण किया गया है। इस रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2014 में भारत का वार्षिक मोबाईल फोन उत्पादन जहां 30 लाख यूनिट था, वहीं साल 2017 में बढ़कर यह 1.1 करोड़ यूनिट हो चुका है।

इसी तरह इंपोर्ट यानि आयात की बात करें तो बीते सालों की अपेक्षा बाहरी राष्ट्रों से भारत में आने वाले मोबाईल फोंस की गिनती भी घटकर आधी हो गई है। आपको बता दें कि इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत फास्ट ट्रैक टास्क फोर्स (एफटीटीएफ) ने वर्ष 2019 तक देश में मोबाइल फोन उत्पादन को बढ़ाकर 50 करोड़ यूनिट तक पहॅुंचाने की योजना बनायी है और इसके लिए 46 अरब डॉलर तक का अनुमानित मूल्य आंका गया है।

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