बारिश के मौसम में गाड़ी चलाना ज्यादा कठिन भी हो जाता है लेकिन कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखा जाए तो आप बारिश में ड्राइविंग आराम से कर सकेंगे

जब भरे पानी में बंद हो जाए कार

कई बार बारिश में ऐसी स्थान से कार निकालना होता है जहां पानी टायर के ऊपर तक बहता है.एक्सपर्ट के अनुसार ऐसी स्थान से कार निकालने से बचना चाहिए. लेकिन यदि दूसरा विकल्प ना हो तो फिर कार को धीमी गति से निकालें. तेज ड्राइव करने पर जो पानी उड़ता है, वह कार के इंजन वअन्य इलेक्ट्रिकल पार्ट्स में जाकर उन्हें डेमेज कर सकता है. वहीं यदि किसी कारणवश कार बीच पानी में ही बंद हो जाए तो उसे ज्यादा स्टार्ट करने की प्रयास ना करें. गाड़ी को धक्का लगाकर बाहर सुरक्षित स्थान खड़ी करें व वर्कशॉप से मदद लें

ध्यान रखें सभी इंडिकेटर्स का

कार में बैटरी से लेकर ऑइल तक के लिए डैशबोर्ड में इंडिकेटिंग लाइट्स होती हैं. किसी सिस्टम के अच्छा तरीके से कार्य ना करने पर यह जल जाती है. इन पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है. यदि ऑइल प्रेशर अच्छा ना होने पर ऑइल की लाइट जले तो कार को चलाना नहीं चाहिए, बल्कि दूसरे वाहन की मदद से उसे वर्कशॉप तक पहुंचाएं बैटरी या दूसरा कोई इंडिकेशन मिलने पर भी यही करें.कई बार बारिश में गड्ढे भी दिखाई नहीं देते व कार चढ़ जाती है ऐसे में रुककर थोड़ी देर देखें, कहीं ऑइल लीक तो नहीं हो रहा है. साथ में ऑइल की लाइट भी चैक करें यदि लीकेज हो तो गाड़ी को बिना चलाए वर्कशॉप से मदद लें

इन बातों का रखें खास ख्याल

• बारिश के मौसम में वाइपर की बहुत आवश्यकता होती है इस मौसम में कार निकालने के पहले वाइपर की ब्लेड चैक कर लें. कार की पार्किंग लाइट, हेड लाइट, इंडीकेटर चालू हालत में रखें
• स्टेपनी को दुरूस्त रखें. बारिश में कार पंचर होने पर मदद मिलने में कठिन होती है
• कीचड़ को कार में लगा ना रहने दें. इसके मॉश्चर से कार के इलेक्ट्रिक पार्ट्स को नुकसान हो सकता है. कार पर एंटी रस्ट कोटिंग भी करा सकते हैं
• अपने मोबाइल में वर्कशॉप का नंबर जरूर रखें. सभी कंपनियां ऑन साइट असिस्टेंस की सुविधा उपलब्ध कराती हैं
• बारिश में जब भी पानी में गाड़ी रोकें तो हल्का एक्सीलेटर लिए रहें. इससे साइलेंसर में पानी या मॉश्चर नहीं जाएगा
• गीले पैर कार ड्राइव ना करें. पैडल से पैर स्लिप हो सकता है

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