किसी भी मशीन अगर ज्यादा देर चलाया जाता है तो वह गर्म हो जाती है कंप्यूटर के साथ भी ऐसा ही है अगर कम्प्यूटर को भी ज्यादा देर चलाया जाये तो सीपीयू गर्म हो जाता है और इसे ठंडा रखने के लिए अब एक नयी तकनीक इस्तेमाल हो रही है जी सस्ती भी है और बेहतर भी है यह तकनीक पर्यावरण के  अच्छी साबित हो सकती है इसमें लिक्विड कूलिंग और एयर कूलिंग है

एयर कूलर और लिक्विड कूलर 

एयर कूलिंग में पीसी में कई सारे फैन लगे होते है ग्राफिक्स कार्ड फैन, और सीपीयू फैन जो मेटल हीट सिंक के ऊपर लगता है वही लिक्विड कूलिंग में coolant-filled tubes, रेडिएटर, और वाटर ब्लॉक लगाए जाते हैं

लिक्विड कूलर

लिक्विड कूलर

लिक्विड कूलर के लिए आपको एक पम्प , रेडियेटर , रेडियर फैन की जरुरत पड़ेगी रेडियेटर टूयूब से जुड़ा होता है जिससे पानी या coolant को पंप से रेडिएटर तक सर्कुलट किया जाता है एयर कूलिंग के मुकाबले इसका सबसे बढ़ा फ़ायदा यह है कि इससे सिस्टम को बहुत जल्दी ठंडा किया जा सकता है इसके अलावा यह पहले की तुलना में बहुत कम जगह लेता है और कोई शोर भी नहीं होता है

आपको बता दे की इसका कस्टम सेटअप बहुत महँगा होता है इसके आलावा इसको सीपीयू में लगाने के लिए प्लानिंग करनी पड़ती है जिसके लिए आपको प्री प्लानिंग किट की जरुरत पड़ती है

इसमें आपको सीपीयू के लिए वाटर ब्लॉक करना पड़ता है जो सॉकेट में फ़ीट हो सके इसको लगाने के लिए ब्लॉक और टुबिंग उसके साइज के होने चाहिए साथ ही इसके ट्यूब, पंप, रेज़व्वार, रेडिएटर, रेडिएटर का फैन और कूलेंट यह सब से मैच होना चाहिए अगर आपको हर लूप के लिए अलग कार्ड चाहिए तो आपको उसके लिए बढ़ा साइज खरीदना पड़ेगा। क्योंकि यह पानी है तो यह ख़त्म हो जाता है

एयर कूलर 

एयर कूलर

एयर कूलर को सीपीयू में लगाने के लिए ज्यादा चीज़ो की जरुरत नहीं पड़ती इसमें मैन्यफैक्चरर को सिर्फ अंदर और बाहर की तरफ दो फैन लगाने पड़ते हैं। इसके अलावा, ग्राफिक्स कार्ड और कंप्यूटर प्रोसेसर में फैन लगे होते हैं यह लिक्विड कूलर से बहुत सस्ता होता है

और अगर आप इसमें इससे बड़ा और बेहतर रीग खरीदते है तो तब भी आप बहुत कम पैसो में एयर कूलिंग सेटअप लगा सकते है लेकिन अगर आप सेर तक पीसी का इस्तेमाल करते है तो हीट सिंक बढ़ा हो जायेगा जिससे एयर कूलिंग लगाने से फैन की आवाज़ होती है

 

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