हाल ही मे गूगल ने अपने पहले app एक्सीलेंस summit जो कि बेन्गालुरू मे आयोजित किया गया था, ऐसी apps के बारे मे बातें की जो की ख़ास तौर पे इंडियन ऑडियंस को ध्यान मे रख कर डेवलप की गयी है

इसी को देखते हुए गूगल ने मेड इन इंडिया नाम का एक प्रोग्राम लॉन्च किया है जो की यूज़र्स को उनकी जरुरत के हिसाब से एप्स उपलब्ध कराएगा और साथ ही साथ ऐसी एप्स बनाने वाले देवलपअर्स को उनकी ऑडियंस तक भी पहुचाएगा

पूरनीमा कोचिकर, जो की गूगल प्ले की बिज़नस डेवलपमेंट, गेम्स एंड एप्लीकेशन की डायरेक्टर है कहा की हम गूगल प्ले पर सभी ऐसे देवलपअर्स को अवसर देना चाहते है जो की सक्सेसफुल लोकल बिज़नस करने की शमता रखते है उन्होंने यह भी कहा की गूगल प्ले देव्लोपर्स की इमेजिनेशन को सपोर्ट करता है ओर यूज़र्स को नये एक्सपीरियंस से रूबरू कराता है

कुणाल सोनी गूगल प्ले स्टोर बिजनेस के हेड है उनका कहना है की ज्यादातर लोग स्मार्टफोन अफ़्फोर्ड कर पाते है और इंटरनेट भी यूज़ कर पाते है लेकिन अभी भी 70 फीसदी लोग ऐसे है जो 2जी कनेक्शन यूज़ करते है

स्मार्टफोन यूज़ करने वाले लोगो में अधिकतर के डिवाइस का दाम 6,500 रुपये है जिस कारण से वे स्मार्टफोन के फायदों का भरपूर लाभ नहीं ले पाते है

कुनाल सोनी ने डेवेलपर्स को कनेक्टिविटी, डिवाइस कमपेटीबिलिटी ,डाटा कोस्ट, बैटरी यूसेज, कंटेंट ओर कॉमर्स को ध्यान मे रखने को कहा ओर उन्होंने ऐसी apps बनाने का सुझाव दिया जो की ऑफलाइन मोड मे भी युजफुल हो

डेवेलपर्स से आगे बात करते हुए कुनाल सोनी ने उन्हें बताया की मेड इन इंडिया एप्स ऐसी ही एप्स की केटेगरी होगी ओर सभी देवेलपर्स अपनी एप्स को रिव्यु के लिए ऑनलाइन अप्लाई कर सकते है

उन्होंने देवेलपर्स को कुछ ऐसे टेस्ट ओर टूल्स की जानकारी दी जिससे वे अपनी एप्स की कम्पेटिबिलिटी को टेस्ट कर पाएँगे कोचिकर ने आगे बढ़ते हुए कहा की गूगल हर साल इनस्टॉल की जाने वाली एप्स मे 150 फीसदी की इन्क्रीमेंट देखता है

इसलिये यह जरुरी है की अब लोकल एप्स डेवेलप हो जो लोगो की जरूरतों को ध्यान मे रख कर बनाई गयी हो आखिरी मे उन्होंने कहा की गूगल ने यूज़र्स के लिए काफी आप्शन भी खोले है जैसे की यूज़र्स पेमेंट के लिए करीअर बिलिंग या फिर गिफ्ट कार्ड्स खरीद के कैश से भी पेमेंट कर सकते है

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