इस समय स्मार्टफोन यूज़र्स के लिए एप्स के जरिये कई सारी सर्विस मौजूद है जिन्हे एक टैब के जरिये आप काम का सकते है मोबाइल बैंकिंग के लिए गूगल प्ले स्टोर मे कई सारे एप्स मौजूद है जो बिल भरने से लेकर रिचार्ज करने के काम आता है लेकिन कई बार इस तरह की थर्ड पार्टी एप्स आपके बैंक से जुडी नुजी जानकारी लीक कर सकती है मोबाइल ट्रांजेक्शन के लिए किसी ऐप को इंस्टॉल करने के पहले ये बातें ध्यान रखें

ओटीपी डाल सकता है मुसीबत में 

ओटीपी से छुटकारा डाल सकता है मुसीबत में-

ज्यादातर लोग हर रोज इस्तेमाल होने वाले एप्स को डायरेक्ट बैंक से कनेक्ट कर देते है इसका बड़ा कारण सिक्योरिटी प्रोसेस ओटीपी और पासवर्ड से बचना होता है लेकिन इसमें आसानी से कोई भी आपके फोन के जरिए बैंक अकाउंट एक्सेस या फोन हैक कर सकता है। इसका आपको भारी नुकसान हो सकता है

फेक मेल और मैसेज से रहे सतर्क 

फेक मेल और मैसेज से रहें सतर्क-

कई बार हैकर्स ई-मेल और मैसेज के जरिये सिक्योरिटी में सेंध लगाने की कोशिश करते है बैंक के नाम से मिलने वाले मेल और मैसेज पर भरोसा करके किसी भी लिंक पर क्लिक न करें, न ही कहीं आईडी बनाकर अपनी जानकारी शेयर करें दूर बैठा हैकर आपकी एक गलती से आपका भारी नुकसान में फंसा सकता है

रहे अपडेट 

रहें अपडेट-

ज्यादातर लोग अपने ट्रांजेक्शन के डिटेल नहीं लेते है और ऐसे में इस बात का पता भी नहीं चल पाता है की कितना पैसा आया और कितना पैसा गया कई बार हैकर्स बैंक अकाउंट से छोटी-छोटी आमउंट हैक कर लेते है ऐसे में आपकी सावधानी इस मुसीबत से आपको बचा सकती है

सिक्योरिटी चेक करे 

सिक्योरिटी चैक के बाद करें डिटेल्स लिंक-

मोबाइल पर ट्रांजेक्शन के लिए किसी भी एप को इनस्टॉल करने से पहले उसकी अच्छी तरह से जांच-पड़ताल कर ले हो सके तो एप को डाउनलोड करने से पहले गूगल में उसकी पूरी जानकारी ले ले कई बार फेक ऐप्स दिखने में और नाम से बिल्कुल रियल ऐप की तरह ही होती हैं ऐसे में फेक और रियल ऐप में फर्क करना भी जरूरी है

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