भारत सरकार ने देश के सभी नागरिको के लिए आधार कार्ड जारी कर दिया है लेकिन ये भी है की आधार कार्ड से सभी मुख्य जानकारियां जुड़ी होने की वजह से इनके लीक होने का खतरा भी बना रहता है। यूजर्स का आधार डेटा लीक होने की भी कई खबरें सामने आ चुकी हैं।

आधार कार्ड की सुरक्षा देखते हुए यूनिक आइडेंटि‍फि‍केशन अथॉरि‍टी ऑफ इंडि‍या (UIDAI) आधार कार्ड यूज़र्स के लिए आईडी सिस्टम पेश किया है आईडी सिस्टम में 12 अंको के आधार कार्ड नंबर के जरिये आईडी को जनरेट किया जायेगा अगर यूज़र्स अपना आधार कार्ड नंबर नहीं देना चाहते है तो अपनी आईडी दे सकते है

अपने आधार कार्ड और उसकी जानकारी को लेकर यूजर्स हमेशा परेशान रहते हैं। कुछ समय पहले खबरें आई थी जिनमें कहा गया था कि आधार नंबर के जरिए कई यूजर्स की जानकारियां लीक हो गई थीं। कई सरकारी सेवाओं और योजनाओं में आधार कार्ड की जानकारी देना जरूरी है। ऐसे में लोगों को आधार से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक होने का डर रहता है।

इसी को देखते हुए UIDAI ने वर्चुअल आईडी सिस्टम पेश किया है जिसमें अपने आधार नंबर से वर्चुअल आईडी जनरेट कर उसे आधार नंबर की तरह इस्तेमाल किया जा सकेगा। हालांकि ओटीपी की तरह ही इस वर्चुअल आईडी की एक एक्सपायरी डेट होगी, जिसके गुजरने के बाद इसे इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा और तब नई वर्चुअल आईडी क्रिएट करनी होगी। पुरानी आईडी अपने आप कैंसिल हो जाएगी।

वर्चुअल आईडी से जुड़ी तीसरी सबसे जरूरी बात ये है कि एक यूजर एक से ज्यादा वर्चुअल आईडी जनरेट कर सकता है और इसका इस्तेमाल कर सकता है।

आपको बता दें कि 1 मार्च 2018 से वर्चुअल आईडी को अथॉरिटी स्वीकार करना शुरू करेगी। इसके बाद 1 जून से एजेंसियां इस आईडी के जरिए वेरिफिकेशन करेंगी। 12 अंकों के आधार नंबर से जनरेट किया गया वर्चुअल आईडी 16 डिजिट का होगा , जिसका इस्तेमाल सिम वेरिफिकेशन , बैंक अकाउंट से लिंक करने जैसे कई कामों में किया जा सकेगा।

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