टेलिकॉम कंपनियां अब 4जी के बाद 5जी की कनेक्टिविटी में काम कर रही है। टेलिकॉम कंपनी वोडाफोन ने ऐलान किया है। कंपनी ने पहली 5जी कनेक्टविटी इटली में हासिल कर ली है। वोडाफोन ने 5जी कनेक्टिविटी के ट्रायल के लिए चीनी इलेक्ट्रॉनिक कंपनी हुवावे के साथ साझेदारी की है। हुवावे के साथ मिलकर वोडाफोन ने मीमो तकनीक के लिए रेडियो बेस स्टेशन तैयार किया था।

अगर ये ट्रायल सक्सेस होता है। तो जल्द ही 5जी कनेक्शन सर्विस चालू हो जाएगी। और इटली सहित सभी देश इस सर्विस का लाभ उठा सकेंगे। लेकिन वैज्ञानिको का मानना है की 5जी कनेक्शन 2020 में हमारे सामने आ सकती है। उस समय आज का कोई भी स्मार्टफोन उस तकनिकी का इस्तेमाल नहीं कर सकेगा। मोबाइल निर्माता के सामने 5जी सपोर्टेड मोबाइल बनाने की एक बड़ी चुनौती है।

इस तकनिकी से डेटा स्पीड 100 गीगाबाइट्स प्रति सैकेण्ड तक पहुंच जाएगी अर्थात् सौ फिल्में एक साथ एक सैकेण्ड में डाउनलोड हो सकेगी। 5जी तकनीक में न्यू रेडियो एक्सेस (एनएक्स), नई पीढ़ी का एलटीई एक्सेस तथा बेहतर कोर नैटवर्क होगा।

इससे डाटा के तीव्र आदान-प्रदान के साथ ही इन फोनों पर इंटरनेट ऑफ थिंग्स या आई.ओ.टी. की सुविधा भी मिल सकेगी। फिलहाल अभी तक 3जी और 4जी का दौरा चल रहा है और 5जी तकनीक पर बहुत तेजी से काम हो रहा है।

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