अगर आप स्मार्टफोन यूज़र्स है , तो आपको ये बताने की जरुरत नहीं होगी की आप अपने फोन में काफी डेटा स्टोर रखते है इसके कुछ पर्सनल डेटा भी होते है। क्या आप जानते है ? आपके फोन पर गूगल की हर पल नजर रहती है यानी की आप फोन से क्या कर रहे है। क्या सर्च कर रहे है गूगल की हर एक्टिविटी पर आपकी नजर रहती है।

दरसअल आप जो भी स्मार्टफोन यूज़ करते है , उसमे कई सारे सेंसर लगे होते है। इन सेंसर्स से निकलने वाले सिगनल्स यूजर्स की एक्टिविटी को मॉनीटर करते रहते हैं। जब आपका स्मार्टफोन गूगल को एक्टिविटी ट्रेस करने की परमिशन देता है, उसे ‘एक्टिविटी रिकिग्निशन’ कहते हैं।

ये एक्टिविटी रिकिग्निशन ऑटोमेटिक ही सेंसर के डेटा को पढ़कर यूजर्स की एक्टिविटी डिटेक्ट कर लेते हैं। इन सेंसर्स के जरिए ही आपकी हर एक्टिविटी ट्रेस की जाती है। फोन ही नहीं, बल्कि आप क्या कर रहे हैं, फोन के आपकी बॉडी पॉश्चर और मूमेंट को भी ट्रेस किया जा सकता है।

आपको जानकर आश्चर्य होगा की गूगल ने खुद कहा है कि एक्टिविटी रिकिग्निशन API सेंसर्स एंड्रॉइड डिवाइस में टॉप पर लगा होता है। इन्ही सेंसर्स के जरिए आपका स्मार्टफोन गूगल को आपकी हर एक्टिविटी ट्रेस करने देता है।

कहा जाता है की गूगल इस तरह के डेटा का इस्तेमाल रिसर्च वर्क के लिए करता है। साथ ही गूगल द्वारा लोगों की निजी जिंदगी में तांकझांक को लेकर भी गूगल की आलोचना होती रही है।

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